शेयर बाज़ारों में निवेश में दिलचस्पी रखने वाले अक्सर ये सवाल पूछते हैं. इसका सवाल सीधे हां या ना में हो सकता है, लेकिन इसके लिए हमें कुछ बुनियादी और कानूनी बातों को समझना ज़रूरी है.
तो भारत से विदेश में निवेश करने का कानूनी ढांचा क्या है?
भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई भारतीयों को वैश्विक स्तर पर निवेश करने की अनुमति देता है. भारतीयों द्वारा विदेश में निवेश को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फ़ेमा) और उदारीकृत प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत नियंत्रित किया जाता है.
एलआरएस के तहत कोई भी भारतीय निवासी हर वित्तीय वर्ष में 2,50,000 डॉलर तक की राशि विदेश भेज सकता है, जिसमें विदेशी शेयरों में निवेश भी शामिल है. हालाँकि ये राशि आरबीआई के नियम-कानूनों के तहत ही भेजी जानी चाहिए.